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अररिया में 3 साल की मासूम का सड़ा-गला शव मिलने से सनसनी, 4 दिन से लापता थी बच्ची; हत्या की आशंका में जांच तेज

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अररिया के तेगछिया गांव में 4 दिन से लापता 3 साल की बच्ची का शव भूस्सी घर से बरामद हुआ। पुलिस हत्या की आशंका में जांच कर रही है। गांव में मातम और आक्रोश का माहौल।

अररिया/आलम की खबर: बिहार के अररिया जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ताराबाड़ी थाना क्षेत्र के तेगछिया गांव में तीन साल की एक मासूम बच्ची का सड़ा-गला शव मिलने के बाद गांव में मातम और दहशत का माहौल है। चार दिनों से लापता बच्ची की तलाश में जुटे परिवार को उस समय बड़ा सदमा लगा, जब घर से कुछ ही दूरी पर बने एक भूस्सी घर से उसकी लाश बरामद हुई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है, जबकि पुलिस हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच में जुट गई है।

मृत बच्ची की पहचान शिवांशी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने माता-पिता के साथ 10 मई को अपने ननिहाल तेगछिया गांव आई थी। परिवार के लोगों के अनुसार, अगले दिन दोपहर में वह घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक लापता हो गई। काफी देर तक बच्ची नजर नहीं आने पर परिजनों ने आसपास खोजबीन शुरू की। गांव के लोगों ने भी अलग-अलग जगहों पर तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। स्थिति गंभीर होने पर उसी शाम ताराबाड़ी थाना में बच्ची की गुमशुदगी की सूचना दी गई।

बच्ची के गायब होने के बाद से ही परिवार के लोगों की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही थी। मां का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि पिता और अन्य परिजन हर संभव जगह पर तलाश में लगे थे। गांव के लोग भी लगातार बच्ची को ढूंढने में परिवार की मदद कर रहे थे। लेकिन चार दिन बाद जो दृश्य सामने आया, उसने पूरे इलाके को हिला दिया।

शुक्रवार सुबह गांव के कुछ लोगों को घर के पास बने एक भूस्सी घर से तेज दुर्गंध महसूस हुई। पहले लोगों ने किसी जानवर के मरने की आशंका जताई, लेकिन जब कुछ ग्रामीण अंदर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। अंदर बच्ची का सड़ा-गला शव पड़ा हुआ था। शव की हालत इतनी खराब थी कि मौके पर मौजूद लोग भी सन्न रह गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे गांव में सनसनी फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही ताराबाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में अररिया सदर एसडीपीओ सुशील कुमार के नेतृत्व में पुलिस की अतिरिक्त टीम भी गांव पहुंची। पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। डॉग स्क्वायड और तकनीकी टीम को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि घटना से जुड़े सुराग जुटाए जा सकें। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ भी शुरू की।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को हत्या की आशंका नजर आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची का शव जिस हालत में मिला है, उससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची की मौत कैसे हुई और शव को भूस्सी घर तक कौन लेकर गया। इसके साथ ही परिवार और गांव के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि किसी पुरानी रंजिश या विवाद का पता लगाया जा सके।

गांव में पसरा मातम, लोगों में गुस्सा

मासूम बच्ची की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां बार-बार बेहोश हो जा रही थी, जबकि पिता पूरी तरह टूट चुके हैं। गांव की महिलाएं और आसपास के लोग परिवार को ढांढस बंधाने में लगे रहे। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा भी देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बच्ची का पता चल जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटना ने पूरे इलाके को डरा दिया है। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जता रहे हैं। कई ग्रामीणों ने इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस हर पहलू पर कर रही जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण बातें साफ हो सकती हैं। साथ ही पुलिस मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और आसपास की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है। डॉग स्क्वायड टीम की मदद से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में अक्सर बच्चों के अचानक लापता होने और अपराध का शिकार बनने की घटनाएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को छोटे बच्चों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। वहीं प्रशासन को भी गांव स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।

अररिया की यह घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन गई है। मासूम बच्ची की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच पर टिकी है और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उस मासूम की जान किसने ली।

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